International Journal on Science and Technology

E-ISSN: 2229-7677     Impact Factor: 9.88

A Widely Indexed Open Access Peer Reviewed Multidisciplinary Bi-monthly Scholarly International Journal

Call for Paper Volume 17 Issue 1 January-March 2026 Submit your research before last 3 days of March to publish your research paper in the issue of January-March.

एनईपी 2020 के तहत किशोरों के शैक्षिक अनुभवों को बढ़ाने में इंटरनेट की भूमिका

Author(s) Khushal Mehta, Prof. Dr. Sandhya Sharma
Country India
Abstract यह शोधपत्र “एनईपी 2020 के तहत किशोरों के शैक्षिक अनुभवों को बढ़ाने में इंटरनेट की भूमिका” पर आधारित है, जिसका उद्देश्य यह समझना है कि डिजिटल शिक्षा और इंटरनेट ने भारतीय किशोरों के सीखने के अनुभवों को किस प्रकार प्रभावित किया है। अध्ययन का मुख्य उद्देश्य था कृ (1) एनईपी 2020 के संदर्भ में इंटरनेट आधारित शिक्षण के प्रभाव का विश्लेषण करना तथा (2) इंटरनेट आधारित शिक्षा की संभावनाओं और चुनौतियों की पहचान करना। यह शोध पूर्णतः समीक्षा-आधारित (त्मअपमू च्ंचमत) है, जिसमें सिस्टेमैटिक लिटरेचर रिव्यू (ैलेजमउंजपब स्पजमतंजनतम त्मअपमू) पद्धति अपनाई गई। इसके अंतर्गत वर्ष 2019 से 2025 के बीच प्रकाशित 14 प्रासंगिक शोध-पत्रों, सरकारी रिपोर्टों और शैक्षणिक लेखों का चयन किया गया। सभी अध्ययनों का विश्लेषण गुणात्मक (फनंसपजंजपअम) दृष्टिकोण से किया गया, तथा मुख्य विषयों कृ डिजिटल पहुँच, शिक्षकों की तत्परता, आत्मनिर्देशित अधिगम, और डिजिटल विभाजन कृ पर थीमैटिक विश्लेषण किया गया।
साहित्य विश्लेषण से यह स्पष्ट हुआ कि इंटरनेट ने किशोरों की शैक्षिक पहुँच, सहभागिता, और सीखने की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार किया है। डिजिटल उपकरणों, ऑनलाइन पाठ्यक्रमों और ई-लर्निंग प्लेटफार्मों ने शिक्षा को अधिक लचीला और आत्मनिर्देशित बनाया। हालांकि, कई अध्ययनों ने यह भी संकेत किया कि डिजिटल अवसंरचना की कमी, तकनीकी साक्षरता का अभाव, तथा अत्यधिक इंटरनेट उपयोग से उत्पन्न मानसिक दबाव अभी भी शिक्षा की गुणवत्ता को प्रभावित करते हैं।
निष्कर्षतः, अध्ययन यह सिद्ध करता है कि एनईपी 2020 के अंतर्गत इंटरनेट किशोर शिक्षा में एक परिवर्तनकारी भूमिका निभा रहा है। यह न केवल शिक्षण को आधुनिक बना रहा है, बल्कि समावेशिता, नवाचार और आत्मनिर्भर अधिगम को भी प्रोत्साहित कर रहा है। किंतु इस परिवर्तन को स्थायी और प्रभावी बनाने के लिए शिक्षक प्रशिक्षण, डिजिटल साक्षरता और संरचनात्मक सुधार आवश्यक हैं।
Keywords एनईपी 2020, इंटरनेट, किशोर शिक्षा, डिजिटल साक्षरता।
Published In Volume 16, Issue 4, October-December 2025
Published On 2025-11-28
DOI https://doi.org/10.71097/IJSAT.v16.i4.9690
Short DOI https://doi.org/hbdszc

Share this